मुसलमान मूसा, ईसा मसीह, बुद्ध को मानते हैं, लेकिन वे कहते हैं कि मुहम्मद आखिरी थे, दुनिया में सभी को मुसलमान बनना चाहिए। बहाईयों का मानना ​​है कि उनके पैगम्बर नवीनतम हैं, अंतिम नहीं। सभी धर्म एक ही पुस्तक के अलग-अलग अध्याय हैं।


(Muslims believe in Moses, Christ, Buddha, but they say Muhammad was the last, everyone in the world should become Muslims. The Baha'is believe their prophet is the latest and not the last. All religions are different chapters in the same book.)

📖 Omid Djalili


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यह उद्धरण विविध धार्मिक मान्यताओं में अंतर्निहित मौलिक एकता पर प्रकाश डालता है, इस बात पर जोर देता है कि विभिन्न आस्थाएं एक साझा आध्यात्मिक कथा में विभिन्न अध्यायों का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह सह-अस्तित्व और पारस्परिक सम्मान के परिप्रेक्ष्य को प्रोत्साहित करता है, यह पहचानते हुए कि सिद्धांत भिन्न हो सकते हैं, उनका मूल सार अक्सर करुणा, नैतिकता और दिव्य संबंध के सार्वभौमिक सिद्धांतों की ओर इशारा करता है। धर्मों को एक बड़ी पवित्र पुस्तक के हिस्से के रूप में देखना दुनिया भर में आध्यात्मिक विविधता की समृद्धि के लिए खुले दिमाग, समझ और सराहना को आमंत्रित करता है।

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मई 07, 2026

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