हम सभी, आम तौर पर, सममित हैं: चींटियों, हाथी, शेर, मछली, फूल, पत्तियां। लेकिन वह एक पेड़ था। कोई भी उम्मीद नहीं करता है कि एक पेड़ सममित होगा।

हम सभी, आम तौर पर, सममित हैं: चींटियों, हाथी, शेर, मछली, फूल, पत्तियां। लेकिन वह एक पेड़ था। कोई भी उम्मीद नहीं करता है कि एक पेड़ सममित होगा।


(We are all, generally, symmetrical: ants, elephants, lions, fish, flowers, leaves. But she was a tree. No one expects a tree to be symmetrical at all.)

📖 Aimee Bender


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एमी बेंडर की "द कलर मास्टर: स्टोरीज़" प्रकृति में समरूपता के विषय की पड़ताल करती है, यह बताती है कि चींटियों से लेकर हाथियों तक, सबसे अधिक जीवित प्राणी, सममित विशेषताओं को प्रदर्शित करते हैं। यह समरूपता प्राकृतिक दुनिया में एक आम उम्मीद है, जो आदेश और परिचितता की भावना प्रदान करती है। हालांकि, बेंडर एक पेड़ के आंकड़े के साथ एक अद्वितीय परिप्रेक्ष्य का परिचय देता है, जो समरूपता की इस अपेक्षा को धता बताता है। पेड़ अक्सर अनियमित और विषम तरीकों से बढ़ते हैं, जिससे वे प्राकृतिक रूपों के दायरे में खड़े होते हैं।

यह सुझाव है कि "कोई भी एक पेड़ को सममित होने की उम्मीद नहीं करता है" इस विचार को रेखांकित करता है कि प्रकृति अपूर्णता और विशिष्टता को गले लगा सकती है। इस संदर्भ में, पेड़ व्यक्तित्व और प्राकृतिक घटना के रूप में विषमता की स्वीकृति का प्रतीक है। बेंडर का काम पाठकों को विषमता और जीवन के विविध रूपों में पाए जाने वाले सौंदर्य की सराहना करने के लिए आमंत्रित करता है, जिससे हम प्राकृतिक क्रम और विचलन को कैसे देखते हैं, इस पर एक गहरा प्रतिबिंब को प्रोत्साहित करते हैं।

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अद्यतन
अक्टूबर 25, 2025

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