विलियम समरसेट मौघम एक प्रसिद्ध ब्रिटिश नाटककार, उपन्यासकार और लघु कथाकार थे। 1874 में पेरिस में जन्मे, उनका पालन-पोषण इंग्लैंड में हुआ और उनकी शिक्षा किंग्स स्कूल, कैंटरबरी और बाद में सेंट थॉमस अस्पताल में हुई, जहाँ उन्होंने डॉक्टर बनने के लिए प्रशिक्षण लिया। मौघम की चिकित्सा पृष्ठभूमि ने उनकी लेखन शैली को प्रभावित किया, जिसमें मानव व्यवहार का गहन अवलोकन और मनोवैज्ञानिक बारीकियों की गहरी समझ थी। मौघम का साहित्यिक करियर 20वीं सदी की शुरुआत में "ऑफ ह्यूमन बॉन्डेज" और "द मून एंड सिक्सपेंस" जैसे कार्यों के साथ फला-फूला, जिसमें इच्छा, स्वतंत्रता और मानवीय स्थिति के जटिल विषयों की खोज की गई। वह अपने सीधे गद्य और बहुआयामी चरित्रों को विकसित करने की क्षमता के लिए जाने जाते थे, जिससे उनके उपन्यास सुलभ और गहन दोनों बन गए। मौघम के दुनिया भर में यात्रा के अनुभवों ने भी उनकी कहानियों को समृद्ध किया, उन्हें विविध सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भर दिया। उपन्यासों के अलावा, मौघम ने एक नाटककार और लघु कथाकार के रूप में प्रसिद्धि हासिल की। उनकी कहानियों में अक्सर व्यंग्य के तत्व होते थे और वे उनके अपने जीवन के अनुभवों और टिप्पणियों से प्रभावित होती थीं। मौघम ने 1965 में अपनी मृत्यु तक लिखना और प्रकाशित करना जारी रखा, और अपने पीछे एक महत्वपूर्ण विरासत छोड़ी जो आज भी पाठकों को याद आती है। विलियम समरसेट मौघम एक विपुल ब्रिटिश लेखक थे जो अपने उपन्यासों, नाटकों और लघु कथाओं के लिए जाने जाते थे। उनका जन्म 1874 में पेरिस में हुआ था और बाद में उनकी शिक्षा इंग्लैंड में हुई, जहां उन्होंने चिकित्सा का अध्ययन किया। उनके काम की विशेषता तीव्र मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि और मानव स्वभाव की गहरी समझ है। मौघम ने बड़े पैमाने पर यात्रा की, और उनके अनुभवों ने उनके लेखन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया, इसे समृद्ध सांस्कृतिक तत्वों से भर दिया। मौघम की सबसे उल्लेखनीय कृतियों में "ऑफ ह्यूमन बॉन्डेज" और "द मून एंड सिक्सपेंस" शामिल हैं। उनकी विरासत कायम है, क्योंकि वह साहित्य में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति बने हुए हैं जिनकी गहरी टिप्पणियाँ पाठकों के साथ गूंजती रहती हैं।
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