लेकिन यह उसके लिए भी उतना ही स्पष्ट था कि यह उसका भाग्य था, कि उसने इसका नाम पुकारा था और यह उसके पास आ गया था, और वह अब इस पर स्वामित्व के अलावा कुछ नहीं कर सकती थी।

लेकिन यह उसके लिए भी उतना ही स्पष्ट था कि यह उसका भाग्य था, कि उसने इसका नाम पुकारा था और यह उसके पास आ गया था, और वह अब इस पर स्वामित्व के अलावा कुछ नहीं कर सकती थी।


(But it was equally clear to her that this was her fate, that she had called its name and it had come to her, and she could do nothing now but own it.)

📖 Robin McKinley

🌍 अमेरिकी  |  👨‍💼 लेखक

(0 समीक्षाएँ)

रॉबिन मैककिनले की कहानी "रोज़ डॉटर" में, नायक को अपने भाग्य के बारे में गहरा एहसास होता है। वह समझती है कि उसकी वर्तमान स्थिति महज एक संयोग नहीं है, बल्कि एक अपरिहार्य परिणाम है, जो एक तरह से उसके जीवन में आ गया है। यह स्वीकारोक्ति उसके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देती है, क्योंकि अब वह पहचानती है कि उसे उसके सामने रखे गए रास्ते को स्वीकार करना चाहिए और उसे अपनाना चाहिए।

उसके भाग्य की यह स्वीकृति ज़िम्मेदारी का भार रखती है, यह सुझाव देती है कि यद्यपि वह अपनी परिस्थितियों में फंसी हुई महसूस कर सकती है, लेकिन उन्हें सफल बनाने में अपनी भूमिका को पहचानने में सशक्तिकरण की भावना भी है। आत्म-खोज की इस यात्रा के माध्यम से, वह अपने निर्णयों और उनके परिणामों को स्वीकार करना सीखती है, जो अंततः उसे विकास और स्वीकृति की ओर ले जाती है।

Page views
110
अद्यतन
नवम्बर 01, 2025

Rate the Quote

टिप्पणी और समीक्षा जोड़ें

उपयोगकर्ता समीक्षाएँ

0 समीक्षाओं के आधार पर
5 स्टार
0
4 स्टार
0
3 स्टार
0
2 स्टार
0
1 स्टार
0
टिप्पणी और समीक्षा जोड़ें
हम आपका ईमेल किसी और के साथ कभी साझा नहीं करेंगे।