वह एक दयालु अमेज़ॅन है जो दुख से मुक्ति का साधन बनाती है, ग्राफिक शब्दों से भरी हुई है, वह छिपती नहीं है, वह बोलती है, वह लिखती है, वह ऐसे शब्दों का उपयोग करती है जो उसे व्यक्तिगत बनाती है, वह गहराई तक जाती है और लोग उसे समझ नहीं पाते हैं, वे निराश होते हैं, उसकी निंदा की जाती है क्योंकि वह खुद है, वह खुद को दुनिया में रखती है और दुनिया उसे गलत समझती है क्योंकि वह असहज है।

वह एक दयालु अमेज़ॅन है जो दुख से मुक्ति का साधन बनाती है, ग्राफिक शब्दों से भरी हुई है, वह छिपती नहीं है, वह बोलती है, वह लिखती है, वह ऐसे शब्दों का उपयोग करती है जो उसे व्यक्तिगत बनाती है, वह गहराई तक जाती है और लोग उसे समझ नहीं पाते हैं, वे निराश होते हैं, उसकी निंदा की जाती है क्योंकि वह खुद है, वह खुद को दुनिया में रखती है और दुनिया उसे गलत समझती है क्योंकि वह असहज है।


(She is a compassionate Amazon forming a muse from misery, full of graphic words, she doesn't hide, she speaks, she writes, she uses words that individualize her, she goes deeper and people cannot grasp her, they are frustrated, she is condemned because she is herself, she puts her self in the world and the world misunderstands her because she is uncomfortable.)

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यह उद्धरण एक अत्यंत प्रामाणिक व्यक्ति के सार को स्पष्ट रूप से दर्शाता है जो सामाजिक अपेक्षाओं के अनुरूप होने से इनकार करता है। 'अमेज़ॅन' की कल्पना शक्ति, लचीलेपन और स्वतंत्रता का प्रतीक है, जो उसकी शक्तिशाली उपस्थिति पर जोर देती है। उसे 'दुख से प्रेरणा' बनाने के रूप में वर्णित करके, यह दर्द और पीड़ा को रचनात्मक अभिव्यक्ति और प्रेरणा में बदलने की उसकी क्षमता को दर्शाता है, जो भेद्यता की रेचक और सशक्त क्षमता को उजागर करता है। 'ग्राफिक शब्दों' का उनका उपयोग और बोलने और लिखने में उनका खुलापन असुविधा के बावजूद प्रामाणिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। वाक्यांश 'वह ऐसे शब्दों का उपयोग करती है जो उसे व्यक्तिगत बनाते हैं' एक शोर भरी दुनिया में अपनी अनूठी आवाज़ को तराशने के लिए एक जानबूझकर किए गए प्रयास का सुझाव देता है जो अक्सर पहचान को एकरूप बनाने का प्रयास करता है। 'गहराई' में जाना सतही दिखावे से परे सत्य और अर्थ की खोज को दर्शाता है, जिसे समझना कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण लगता है। वह जिस हताशा और निंदा का सामना कर रही है, वह अपने असली स्व को छिपाने से इनकार करने में निहित प्रतीत होती है, जो सामाजिक मानदंडों या अपेक्षाओं के लिए खतरा हो सकता है। उसकी हरकतें अलग खड़े होने और अपनी परेशानी को अपनी प्रामाणिकता के हिस्से के रूप में स्वीकार करने के गहन साहस का उदाहरण पेश करती हैं। उद्धरण हमें अपने सच्चे स्व को गले लगाने से प्राप्त मूल्य और ताकत पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है, भले ही गलत समझा जाए या आलोचना की जाए। यह पाठक को असुविधा और अनुरूपता को दबाने की सामाजिक प्रवृत्ति पर विचार करने की चुनौती देता है, इसके बजाय यह प्रदर्शित करता है कि सच्चा सशक्तिकरण किसी के मतभेदों को अपनाने और उन्हें साहसपूर्वक व्यक्त करने से आता है।

(सेराफिक एडिक्शन) - लेखक: '---लौरा जेंटाइल---'

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अद्यतन
अगस्त 23, 2025

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