इस देश में जनता और नेताओं के बीच दरार है। सरकार के उच्चतम स्तरों पर भ्रष्टाचार है; यह महज़ सत्ता की राजनीति से परे है। संविधान पर गंभीर हमला किया गया है, हमारी जीवनशैली को खतरे में डाला गया है।

इस देश में जनता और नेताओं के बीच दरार है। सरकार के उच्चतम स्तरों पर भ्रष्टाचार है; यह महज़ सत्ता की राजनीति से परे है। संविधान पर गंभीर हमला किया गया है, हमारी जीवनशैली को खतरे में डाला गया है।


(There's a rift in this country between the people and its leaders. There is corruption at the highest levels of government; it goes beyond mere power politics. The Constitution has been seriously assaulted, our way of life threatened.)

📖 Robert Ludlum


🎂 May 25, 1927  –  ⚰️ March 12, 2001
(0 समीक्षाएँ)

रॉबर्ट लुडलम के "द चांसलर मैनुस्क्रिप्ट" का उद्धरण जनता और उनकी सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण अलगाव पर प्रकाश डालता है। इससे पता चलता है कि बहुत से लोग सत्ता में बैठे लोगों द्वारा विश्वासघात की गहरी भावना महसूस करते हैं, जो दर्शाता है कि यह विभाजन भ्रष्टाचार के व्यापक संदर्भ में निहित है जो नेतृत्व के उच्चतम स्तर पर व्याप्त है। यह भावना उन राजनीतिक हस्तियों और संस्थानों के प्रति बढ़ते मोहभंग को दर्शाती है जिनके बारे में माना जाता है कि वे उन नागरिकों के हितों पर अपने हितों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी उन्हें सेवा करनी है।

इसके अलावा, उद्धरण संविधान जैसे लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों पर इस भ्रष्टाचार के प्रभाव पर जोर देता है। इसका तात्पर्य यह है कि न केवल राजनीतिक परिदृश्य अनैतिक आचरण से प्रभावित है, बल्कि यह व्यवहार उन मूल्यों और जीवन शैली के लिए सीधा खतरा पैदा करता है जिन्हें नागरिक प्रिय मानते हैं। जैसे-जैसे सरकार की अखंडता ख़त्म होती है, वैसे-वैसे जनता का विश्वास भी ख़त्म होता है, जिसके परिणामस्वरूप देश के भविष्य के लिए एक अनिश्चित स्थिति पैदा होती है।

Page views
266
अद्यतन
अक्टूबर 27, 2025

Rate the Quote

टिप्पणी और समीक्षा जोड़ें

उपयोगकर्ता समीक्षाएँ

0 समीक्षाओं के आधार पर
5 स्टार
0
4 स्टार
0
3 स्टार
0
2 स्टार
0
1 स्टार
0
टिप्पणी और समीक्षा जोड़ें
हम आपका ईमेल किसी और के साथ कभी साझा नहीं करेंगे।