... शपथ और लंगर समान रूप से घसीटेंगे: शून्य और चंचल पृथ्वी पर रहते हैं, लेकिन खुशी के वादों को अनचाहे।

... शपथ और लंगर समान रूप से घसीटेंगे: शून्य और चंचल पृथ्वी पर रहते हैं, लेकिन खुशी के वादों को अनचाहे।


(...oaths and anchors equally will drag: naught else abides on fickle earth but unkept promises of joy.)

📖 Herman Melville


🎂 August 1, 1819  –  ⚰️ September 28, 1891
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हरमन मेलविले के काम में "द एनचेंटेड आइल्स या एनकंटाडास", लेखक जीवन के क्षणभंगुर प्रकृति और लोगों द्वारा किए गए अविश्वसनीय वादों को दर्शाता है। उनका सुझाव है कि शपथ और एंकर दोनों, जो स्थिरता और प्रतिबद्धता प्रदान करने के लिए हैं, अंततः लड़खड़ा सकते हैं और विफल हो सकते हैं। यह रूपक मानवीय इरादों के स्थायित्व और उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली क्षणिक खुशियों के बारे में एक गहरा संदेह को उजागर करता है।

वाक्यांश इस बात पर जोर देता है कि इन टूटी हुई प्रतिबद्धताओं से परे, इस "चंचल" पृथ्वी पर कुछ भी स्थिर नहीं है। मेलविले की मार्मिक इमेजरी खुशी की पंचांग प्रकृति और खुशी की प्रवृत्ति के साथ मोहभंग की भावना पैदा करती है, जो हमें हमारी खोज की नाजुकता और हमारे वादों की कमियों को पहचानने के महत्व की याद दिलाती है।

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अद्यतन
अक्टूबर 24, 2025

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