जहां तक ​​साहित्यिक संस्कृति का संबंध है, यह मुझे रोमांचित करता है कि यह संघ के प्रति इतना लचीला रहा है। उदाहरण के लिए, जब टी.एस. एलियट इन देशों में एक कवि बनना चाहता था, यह एक अंग्रेजी कवि के रूप में नहीं था, यह एक एंग्लियन कवि था जो वह बनना चाहता था।

जहां तक ​​साहित्यिक संस्कृति का संबंध है, यह मुझे रोमांचित करता है कि यह संघ के प्रति इतना लचीला रहा है। उदाहरण के लिए, जब टी.एस. एलियट इन देशों में एक कवि बनना चाहता था, यह एक अंग्रेजी कवि के रूप में नहीं था, यह एक एंग्लियन कवि था जो वह बनना चाहता था।


(As regards literary culture, it fascinates me that it has been so resilient to the Union. For example, when T.S. Eliot wanted to become a poet in these lands, it wasn't as an English poet, it was an Anglian poet he wanted to be.)

📖 Ian Mcewan


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यह उद्धरण राजनीतिक संघों से परे सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान की स्थायी ताकत पर प्रकाश डालता है। यह इस बात पर जोर देता है कि कलात्मक और साहित्यिक आकांक्षाएं अक्सर अपनी विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान बनाए रखती हैं, यहां तक ​​कि संघ जैसी बड़ी राजनीतिक संस्थाओं के भीतर भी। टी.एस. एलियट की केवल एक अंग्रेजी के बजाय एक एंग्लियन कवि के रूप में पहचाने जाने की इच्छा क्षेत्रीय गौरव और सांस्कृतिक स्वतंत्रता की गहरी भावना को दर्शाती है। यह लचीलापन इस बात को रेखांकित करता है कि कैसे सांस्कृतिक पहचान राजनीतिक परिवर्तनों से आगे निकल सकती है, जो व्यापक एकीकरणों के बीच व्यक्तिगत और सामूहिक स्वयं की भावना के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में कार्य करती है।

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जनवरी 16, 2026

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