मैं अपने आप को कोई संप्रदाय नहीं मानता.

मैं अपने आप को कोई संप्रदाय नहीं मानता.


(I don't consider myself any denomination.)

📖 Antonio Sabato, Jr.


(0 समीक्षाएँ)

यह कथन व्यक्तिवाद और खुलेपन की भावना को उजागर करता है। इससे पता चलता है कि वक्ता किसी विशिष्ट धार्मिक या वैचारिक लेबल के अनुरूप नहीं है, जो संगठित संरचनाओं पर व्यक्तिगत विश्वास या पहचान पर जोर देता है। ऐसा परिप्रेक्ष्य स्वतंत्रता और लचीलेपन की भावना को बढ़ावा देता है, जिससे व्यक्तिगत मूल्यों को पूर्वनिर्धारित श्रेणियों की बाधाओं के बिना किसी के विश्वदृष्टिकोण को आकार देने की अनुमति मिलती है। यह इस बात पर चिंतन को आमंत्रित करता है कि कैसे समूहीकरण कभी-कभी प्रामाणिक अभिव्यक्ति को सीमित कर सकता है और किसी की अनूठी यात्रा और समझ को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Page views
0
अद्यतन
जनवरी 02, 2026

Rate the Quote

टिप्पणी और समीक्षा जोड़ें

उपयोगकर्ता समीक्षाएँ

0 समीक्षाओं के आधार पर
5 स्टार
0
4 स्टार
0
3 स्टार
0
2 स्टार
0
1 स्टार
0
टिप्पणी और समीक्षा जोड़ें
हम आपका ईमेल किसी और के साथ कभी साझा नहीं करेंगे।