मैं शायद, अपने 60 के दशक में, बच्चे पैदा करने के लिए तैयार हो जाऊंगी, जब तक कि मैं इससे जुड़ी उन सभी चीजों से बच जाऊं जो मुझे पसंद नहीं हैं। तब तक, व्यावहारिक रूप से हर चीज़ में मेरी रुचि खत्म हो चुकी होगी, इसलिए इसमें कोई अवसर लागत शामिल नहीं होगी।
(I would probably, in my 60s, be ready to start having kids, as long as I was spared all the stuff about it that doesn't appeal to me. By then, I'd have lost interest in practically everything, so there'd be no opportunity cost involved.)
यह उद्धरण जीवन और पितृत्व पर एक विनोदी और कुछ हद तक निंदक दृष्टिकोण को दर्शाता है। वक्ता जीवन में बाद में परिवार शुरू करने के विचार पर विचार करता है, लेकिन इसे उन असुविधाओं और जिम्मेदारियों से बचने की धारणा के साथ नियंत्रित करता है जो आम तौर पर बच्चों के पालन-पोषण के साथ होती हैं। यह उम्र बढ़ने के प्रति एक त्यागपूर्ण रवैये पर प्रकाश डालता है, यह सुझाव देता है कि कुछ जीवन लक्ष्यों को प्राप्त करने की इच्छा केवल तभी उभर सकती है जब किसी की रुचियां और प्रेरणाएं कम हो गई हों, जिससे कथित लागत कम हो गई हो। स्वर इस बात पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है कि समय के साथ प्राथमिकताएँ कैसे बदलती हैं और समय कैसे जीवन विकल्पों को प्रभावित कर सकता है, जो अक्सर व्यावहारिकता और वैराग्य की भावना से रंगा होता है।