क्या सीक्वल के लिए कभी बहुत देर हो जाती है?
(Is it ever too late for a sequel?)
यह उद्धरण हमें पिछले अंत की परवाह किए बिना कहानी को नए सिरे से शुरू करने या जारी रखने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है। यह सुझाव देता है कि जीवन हमेशा नवीनीकरण, पुनर्निमाण, या दूसरे मौके के अवसर प्रदान कर सकता है, इस बात पर जोर देते हुए कि एक नए अध्याय को आगे बढ़ाने में वास्तव में कभी देर नहीं होती है। इस मानसिकता को अपनाने से हमें असफलता या छूटे अवसरों के डर पर काबू पाने की प्रेरणा मिल सकती है, जिससे हमारी व्यक्तिगत यात्राओं में दृढ़ता और आशा को बढ़ावा मिलता है।