समलैंगिक बनने से बेहतर है तानाशाह बनना.
(It's better to be a dictator than gay.)
यह उद्धरण एक खतरनाक रवैये को दर्शाता है जो व्यक्तिगत पहचान को राजनीतिक शक्ति के साथ जोड़ता है और सुझाव देता है कि किसी की वास्तविक पहचान को अपनाने की तुलना में सत्तावादी नियंत्रण अधिक वांछनीय हो सकता है। इस तरह के विचार भेदभाव, व्यक्तित्व के दमन और मानवाधिकारों के उल्लंघन को बढ़ावा देते हैं। समावेशी समाज को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्रता, स्वीकृति और सम्मान के मूल्यों को बढ़ावा देना आवश्यक है जहां हर कोई बिना किसी डर या पूर्वाग्रह के प्रामाणिक रूप से रह सके।