संगीत, नृत्य, साहित्य और दृश्य कलाएँ एक समृद्ध और बेहद फायदेमंद दुनिया खोलती हैं। यह एक ऐसी दुनिया है जिस पर कुछ लोगों का बर्चस्व नहीं होना चाहिए।
(Music, dance, literature and the visual arts open up a rich and intensely rewarding world. It is a world that should not be the preserve of the few.)
यह उद्धरण हमारे जीवन को समृद्ध बनाने और साझा मानवीय अनुभव को बढ़ावा देने में कला की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है। यह हमें याद दिलाता है कि रचनात्मक अभिव्यक्ति तक पहुंच सार्वभौमिक होनी चाहिए, न कि कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित। विभिन्न कला रूपों के साथ जुड़ने से दृष्टिकोण व्यापक हो सकता है, सहानुभूति पैदा हो सकती है और व्यक्तिगत विकास को प्रेरणा मिल सकती है। कला में समावेशिता को बढ़ावा देने से एक अधिक खुले और परस्पर जुड़े समाज का निर्माण करने में मदद मिलती है, जहां हर किसी को मानव अभिव्यक्ति के इन जीवंत मार्गों का पता लगाने और उनका आनंद लेने का अवसर मिलता है।