यदि आपके पास कोई विकल्प नहीं है तो केवल एक कलाकार बनें!
(Only be an artist if you have no choice!)
----मर्लिन मिन्टर--- यह उद्धरण इस विचार को छूता है कि सच्ची कलात्मकता बाहरी दबावों या सतही गतिविधियों के बजाय एक अप्रतिरोध्य मजबूरी से प्रेरित होती है। जब रचनात्मकता आंतरिक आवश्यकता से बहती है, तो इसका परिणाम अक्सर प्रामाणिक और शक्तिशाली कार्य होता है। कई कलाकारों के लिए, सृजन का कार्य केवल एक पेशा नहीं बल्कि एक आह्वान है - उनकी पहचान का एक मूलभूत पहलू जिसे वे अनदेखा नहीं कर सकते। यह हमें याद दिलाता है कि जुनून, समर्पण और खुद को अभिव्यक्त करने की गहरी जरूरत वास्तविक कला के मूल में है। सृजन का दबाव भीतर से आना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि कला थोपी गई या निष्ठाहीन होने के बजाय ईमानदार और सार्थक है।