केवल सबसे तीव्र और सक्रिय जानवर ही ऊबने में सक्षम हैं। - एक महान कवि के लिए विषय रचना के सातवें दिन ईश्वर की ऊब होगी।
(Only the most acute and active animals are capable of boredom. - A theme for a great poet would be God's boredom on the seventh day of creation.)
यह उद्धरण बताता है कि बोरियत चेतना और गतिविधि का संकेत है, जिसका अर्थ है कि केवल अपने परिवेश में जागरूकता और व्यस्तता वाले प्राणी ही इसका अनुभव करते हैं। सातवें दिन भगवान की बोरियत का काव्यात्मक विचार दिव्य मन की एक गहरी तस्वीर पेश करता है, जो संभवतः सृजन या अस्तित्व के कार्य के लिए तरस रहा है। यह दिव्य और मानवीय चेतना की प्रकृति के साथ-साथ सतत सृजन या गतिविधि के परिणामों पर एक चिंतनशील मार्ग खोलता है। इस तरह के चिंतन से अस्तित्व के उद्देश्य और एक आदर्श रचनाकार द्वारा सामना की जाने वाली संभावित उलझन की गहरी खोज को बढ़ावा मिलता है, जिससे चेतना और दिव्य उद्देश्य की चर्चा में एक काव्यात्मक गहराई जुड़ जाती है।