अक्सर कोई न कोई कहेगा, आपकी पुस्तकें किस वर्ष में आती हैं? और मैं केवल एक ही उत्तर दे सकता हूं, बचपन में।
(Quite often somebody will say, What year do your books take place? and the only answer I can give is, In childhood.)
यह उद्धरण बचपन की शाश्वत और सार्वभौमिक प्रकृति को एक ऐसी अवधि के रूप में उजागर करता है जो विशिष्ट वर्षों या युगों से आगे निकल जाती है। यह इस बात पर जोर देता है कि बचपन के अनुभवों में निहित कहानियाँ अक्सर चिरस्थायी होती हैं, भावनाओं और विषयों को पकड़ती हैं जो समय बीतने के बावजूद प्रासंगिक बनी रहती हैं। इस तरह के विचार हमें याद दिलाते हैं कि बचपन एक मूलभूत समय है, जो कैलेंडर वर्षों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आश्चर्य, मासूमियत और खोज की सार्वभौमिक भावनाओं तक सीमित है।