विज्ञान ने साबित कर दिया है कि हर चीज़ ऊर्जा है, और अब उनके पास डार्क एनर्जी, डार्क मैटर है। वे इसे सर्वव्यापी चेतना नहीं कहते; वे इसे अंधेरा कहते हैं क्योंकि वे इसे माप नहीं सकते। तुम्हें पता है, इसे काला रंग दो।
(Science has proved that everything is energy, and now they have dark energy, dark matter. They don't call it all-embracing consciousness; they call it dark because they can't measure it. You know, paint it black.)
यह उद्धरण हमारे ब्रह्मांड में मूलभूत तत्वों की रहस्यमय और मायावी प्रकृति पर प्रकाश डालता है। इससे पता चलता है कि जो कुछ भी मौजूद है वह हमारी वर्तमान समझ और माप से परे है, अक्सर अंधेरे या अदृश्यता में डूबा हुआ है। डार्क एनर्जी और डार्क मैटर जैसी वैज्ञानिक अवधारणाओं की चेतना जैसे दार्शनिक विचारों से तुलना हमारी समझ की सीमाओं पर जोर देती है और वास्तविकता के कुछ पहलू अनिवार्य रूप से अदृश्य या मापे जाने योग्य नहीं हैं। यह हमें इस बात पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है कि जिसे हम पता नहीं लगा सकते हैं या माप नहीं सकते हैं वह अस्तित्व का मूल तत्व हो सकता है, जो हमें सत्य की खोज में दृश्यमान और मापने योग्य से परे देखने का आग्रह करता है। हर चीज़ को काले रंग में रंगने का रूपक अज्ञात और हमारे ब्रह्मांड को आकार देने वाली अदृश्य शक्तियों को प्रकट करने में आने वाली चुनौतियों का प्रतीक है। ---डेव डेविस---