प्रौद्योगिकी का विकास, साहित्य के विकास की तरह, अत्यधिक पथ-निर्भर है। प्रौद्योगिकी की स्वीकृति, अपनाने और प्रसार में संस्कृति कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसे हममें से कई लोग स्वीकार करना चाहते हैं।

प्रौद्योगिकी का विकास, साहित्य के विकास की तरह, अत्यधिक पथ-निर्भर है। प्रौद्योगिकी की स्वीकृति, अपनाने और प्रसार में संस्कृति कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसे हममें से कई लोग स्वीकार करना चाहते हैं।


(The evolution of technology is, like the evolution of literature, heavily path-dependent. Culture plays a far more important role in the acceptance, adoption, and spread of technology than many of us are willing to acknowledge.)

📖 Ken Liu

🌍 अमेरिकी  |  👨‍💼 लेखक

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यह उद्धरण इस बात पर जोर देता है कि तकनीकी प्रगति पूरी तरह से नवाचार या वैज्ञानिक सफलताओं से प्रेरित नहीं है बल्कि सांस्कृतिक कारकों से गहराई से प्रभावित है। समाज की मान्यताएँ, मूल्य और मानदंड नई तकनीकों को समझने और एकीकृत करने के तरीके को आकार देते हैं। इस अंतर्संबंध को पहचानने से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि तकनीकी प्रगति अक्सर केवल तकनीकी व्यवहार्यता के बजाय सामाजिक तत्परता और सांस्कृतिक संदर्भों का प्रतिबिंब होती है। सांस्कृतिक आयाम की सराहना करने से विविध समुदायों के भीतर तकनीकी परिवर्तन शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए अधिक प्रभावी रणनीतियाँ बन सकती हैं।

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जनवरी 12, 2026

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