हम सभी उसी ऊर्जा का हिस्सा हैं जो व्याप्त है।
(We are all part of the same energy that envelops.)
यह उद्धरण सभी प्राणियों और ब्रह्मांड के अंतर्संबंध को खूबसूरती से दर्शाता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारी व्यक्तिगत पहचान के नीचे एक व्यापक ऊर्जा है जो हर चीज को एक साथ बांधती है। इस एकता को पहचानने से अधिक करुणा, सहानुभूति और अपनेपन की भावना को बढ़ावा मिल सकता है, जो हमें सतही मतभेदों से परे देखने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस परिप्रेक्ष्य को अपनाने से अधिक सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व और ब्रह्मांड की आंतरिक एकता की गहरी सराहना हो सकती है।