11 सितंबर को हमने जो सीखा वह यह है कि दुनिया में अब अकल्पनीय को भी सोचा जा सकता है।

11 सितंबर को हमने जो सीखा वह यह है कि दुनिया में अब अकल्पनीय को भी सोचा जा सकता है।


(What we learned on September 11 is that the unthinkable is now thinkable in the world.)

📖 John Ashcroft


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यह उद्धरण इस बात पर प्रकाश डालता है कि 11 सितंबर जैसी विनाशकारी घटना ने सुरक्षा, भेद्यता और वैश्विक खतरों की अप्रत्याशितता के बारे में हमारी सामूहिक समझ को कैसे नया आकार दिया। यह इस असहज अहसास को रेखांकित करता है कि पहले अकल्पनीय समझे जाने वाले खतरे वास्तविकता का हिस्सा बन गए हैं, जो समाज को अपनी तैयारियों और लचीलेपन पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे क्षण वैश्विक जोखिमों के उभरते परिदृश्य को संबोधित करने के लिए सतर्कता, अनुकूलन और सक्रिय उपायों की आवश्यकता की याद दिलाते हैं।

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अद्यतन
जनवरी 16, 2026

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