मैं बस इतना चाहता हूं कि अभाव के बंजर कचरे से ऊपर रहा जाए।
(All I ask is to be held above the barren wastes of want.)
यह मार्मिक पंक्ति दुख और अभाव से मुक्ति की गहरी चाहत को व्यक्त करती है। यह कठिनाई के बीच सुरक्षा, आराम और सम्मान की मानवीय इच्छा पर प्रकाश डालता है। "बंजर कचरे के ऊपर रखे जाने" की कल्पना आश्रय और कठिनाई से ऊपर उठने की भावना पैदा करती है, इस बात पर जोर देती है कि निराशाजनक परिस्थितियों में भी आशा और स्थिरता खोजना कितना आवश्यक है। ऐसी भावना सार्वभौमिक रूप से प्रतिध्वनित होती है, जो निराशा के समय में करुणा और समर्थन की आवश्यकता को दर्शाती है।