नफरत और अविश्वास अंधत्व की संतान हैं।
(Hate and mistrust are the children of blindness.)
यह उद्धरण इस बात पर ज़ोर देता है कि कैसे अज्ञानता और समझ की कमी नफरत और अविश्वास जैसी नकारात्मक भावनाओं को जन्म दे सकती है। जब लोग दूसरों के दृष्टिकोण या तथ्यों से अनभिज्ञ होते हैं, तो वे जल्दबाजी में निर्णय लेने लगते हैं और शत्रुता विकसित कर लेते हैं। अपने स्वयं के पूर्वाग्रहों को पहचानने और स्पष्टता की तलाश करने से इन विनाशकारी भावनाओं को कम किया जा सकता है, सहानुभूति और सद्भाव को बढ़ावा दिया जा सकता है। यह एक अनुस्मारक है कि जागरूकता और ज्ञान विभाजनों पर काबू पाने और वास्तविक रिश्तों को बढ़ावा देने की कुंजी है।