11 सितंबर के तुरंत बाद, अमेरिका ने सोमाली धर्मार्थ नेटवर्क अल-बराकत को इस आधार पर बंद कर दिया कि यह आतंक का वित्तपोषण कर रहा था। इस उपलब्धि को 'आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध' की महान सफलताओं में से एक माना गया। इसके विपरीत, एक साल बाद वाशिंगटन द्वारा अपने आरोपों को बिना किसी योग्यता के वापस लेने पर बहुत कम ध्यान दिया गया।

11 सितंबर के तुरंत बाद, अमेरिका ने सोमाली धर्मार्थ नेटवर्क अल-बराकत को इस आधार पर बंद कर दिया कि यह आतंक का वित्तपोषण कर रहा था। इस उपलब्धि को 'आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध' की महान सफलताओं में से एक माना गया। इसके विपरीत, एक साल बाद वाशिंगटन द्वारा अपने आरोपों को बिना किसी योग्यता के वापस लेने पर बहुत कम ध्यान दिया गया।


(Immediately after 11 September, the U.S. closed down the Somali charitable network Al-Barakaat on grounds that it was financing terror. This achievement was hailed one of the great successes of the 'war on terror.' In contrast, Washington's withdrawal of its charges as without merit a year later aroused little notice.)

📖 Noam Chomsky


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यह उद्धरण आतंकवाद विरोधी प्रयासों की जटिल और अक्सर विरोधाभासी प्रकृति पर प्रकाश डालता है। यह बताता है कि कैसे अल-बराकत को बंद करने जैसी कार्रवाइयों को जीत के रूप में मनाया गया था, फिर भी बाद में आरोपों को पलटने या खारिज करने पर बहुत कम ध्यान दिया गया, जिससे नीति और प्रचार में पारदर्शिता और स्थिरता के संभावित मुद्दों का खुलासा हुआ। यह इस बात पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है कि कैसे राजनीतिक आख्यान कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की सूक्ष्म वास्तविकता को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर 'आतंकवाद के खिलाफ युद्ध' के संदर्भ में। प्रतीकात्मक जीत पर ध्यान कभी-कभी ऐसे उपायों की वास्तविक प्रभावशीलता और निष्पक्षता को अस्पष्ट कर देता है।

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जनवरी 07, 2026

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