पत्रकारिता एक डार्विनियन प्रक्रिया है।
(Journalism is a Darwinian process.)
यह उद्धरण पत्रकारिता की प्रतिस्पर्धी और विकासवादी प्रकृति पर प्रकाश डालता है। ऐसे माहौल में जहां जानकारी प्रचुर मात्रा में है और दर्शक चयनात्मक हैं, केवल सबसे सटीक, सम्मोहक और सामयिक कहानियां ही जीवित रहती हैं और पनपती हैं। उद्योग लगातार तकनीकी प्रगति, सामाजिक बदलाव और उपभोक्ता प्राथमिकताओं में बदलाव को अपनाता है, जो प्राकृतिक चयन को दर्शाता है। इस तरह की सादृश्यता एक चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए पत्रकारिता में लचीलेपन, नवीनता और अखंडता के महत्व को रेखांकित करती है।