भावुक संगीतकार केवल पाँच साल के भावुक बच्चों से ही आते हैं।
(Passionate musicians only come from passionate five-year-olds.)
यह उद्धरण भविष्य की कलात्मक उत्कृष्टता की नींव के रूप में बचपन की जिज्ञासा और जुनून के महत्व पर जोर देता है। इससे पता चलता है कि छोटी उम्र से ही संगीत के प्रति उत्साह और प्रेम को बढ़ावा देने से जीवन में बाद में समर्पित और भावुक संगीतकारों को आकार दिया जा सकता है। यह समझकर कि शुरुआती अनुभव आजीवन गतिविधियों को प्रभावित करते हैं, हमें बच्चों में रचनात्मकता और खुशी को बढ़ावा देने, उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को पनपने के लिए प्रोत्साहित करने की याद दिलाई जाती है। यह किसी भी कला रूप में महारत हासिल करने के मुख्य घटक के रूप में जुनून के महत्व पर भी प्रकाश डालता है, यह सुझाव देता है कि युवाओं में वास्तविक रुचि और उत्साह वयस्कता में असाधारण समर्पण का कारण बन सकता है।