लोग हमेशा मुझसे कहते हैं कि मैं एक असामान्य व्यक्ति हूं या बाहरी व्यक्ति हूं। मै बस मै हूँ।
(People always tell me I'm an anomaly or an outlier. I'm just me.)
यह उद्धरण व्यक्तित्व और प्रामाणिकता का जश्न मनाता है। जो चीज़ हमें अद्वितीय बनाती है उसे अपनाना अक्सर हमें सामाजिक मानदंडों से अलग कर देता है, लेकिन यह हमें अपने वास्तविक स्वरूप में आत्मविश्वास से खड़े होने की शक्ति भी देता है। बाह्य या विसंगति होना कोई दोष नहीं है; यह हमारी विशिष्टता और अपेक्षा से अलग होने के साहस का प्रमाण है। यह संदेश ऐसी दुनिया में आत्म-स्वीकृति और लचीलेपन को प्रोत्साहित करता है जो अनुरूपता को बढ़ावा देता है, हमें याद दिलाता है कि हमारे मतभेद मूल्यवान हैं और गर्व के योग्य हैं।