खेल शब्दों में नहीं, आप में है!
(The play is not in the words, it's in you!)
यह उद्धरण इस बात पर जोर देता है कि अभिनय का असली सार अभिनेता के व्यक्तिगत संबंध और आंतरिक अनुभव में निहित है। शब्द तो मात्र एक पात्र हैं; प्रामाणिक भावना और दृढ़ विश्वास ही वास्तव में किसी प्रदर्शन को जीवंत बनाते हैं। यह कलाकारों को केवल स्क्रिप्टेड संवाद पर निर्भर रहने के बजाय अपने अंतर्ज्ञान और भावनाओं पर भरोसा करते हुए अंदर देखने के लिए आमंत्रित करता है। ऐसा परिप्रेक्ष्य वास्तविक कहानी कहने को प्रोत्साहित करता है, जहां ईमानदारी तकनीकी पूर्णता से अधिक प्रतिबिंबित होती है। यह अभिनेताओं को अपनी आंतरिक आवाज़ खोजने और सम्मोहक और यादगार चरित्र बनाने के लिए अपने अद्वितीय दृष्टिकोण को अपनाने की चुनौती देता है।