'द रोड' मुझे स्टीनबेक की 'द ग्रेप्स ऑफ रैथ' की याद दिलाती है।
('The Road' reminds me of Steinbeck's 'The Grapes of Wrath.')
कॉर्मैक मैक्कार्थी की 'द रोड' और स्टीनबेक की 'द ग्रेप्स ऑफ रैथ' दोनों विनाशकारी परिस्थितियों के बीच मानवीय लचीलेपन, कठिनाई और अस्तित्व के विषयों का पता लगाती हैं। वे निराशा का सामना कर रहे व्यक्तियों और परिवारों के संघर्षों की गहराई से पड़ताल करते हैं, मानवीय भावनाओं के कच्चेपन और आशा को बनाए रखने की अथक लड़ाई को पकड़ते हैं। इन यात्राओं का साहित्यिक चित्रण सामाजिक पतन और प्रतिकूल परिस्थितियों में स्थायी मानवीय भावना की गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।