उद्धरण में एक विनोदी लहजा है, जो इस विचार पर प्रकाश डालता है कि एक बार सलाह दी जाती है, तो यह किसी को एक नए रास्ते पर ले जा सकती है जिसे उन्होंने अन्यथा नहीं चुना होता। यह दूसरों के निर्णयों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी सूक्ष्मता से स्वीकार करता है। वक्ता की मजाकिया टिप्पणी सलाह के महत्व को रेखांकित करती है, शायद उन अप्रत्याशित तरीकों की ओर इशारा करती है जिनकी सराहना की जा सकती है या गलत व्याख्या की जा सकती है।
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