बस अपना स्कूल का काम करो, किसी खेल पर ध्यान केंद्रित करो अगर तुम उसमें अच्छे हो तो वही करो जो मैंने किया।
(Just do your schoolwork, focus on a sport if you're good at it, do what I did.)
यह उद्धरण व्यक्तिगत विकास में समर्पण और फोकस के महत्व पर जोर देता है। यह व्यक्तियों को स्कूली कार्य जैसी अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने और खेल जैसे अपने जुनून को प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है। वक्ता का व्यक्तिगत अनुभव इस बात का प्रमाण है कि इन क्षेत्रों में लगातार प्रयास से सफलता मिल सकती है। इस तरह के केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाने से अकादमिक और एथलेटिक दोनों गतिविधियों में अनुशासन और उपलब्धि बनाने में मदद मिल सकती है, जिससे दूसरों को अनुशासित दृढ़ता के समान मार्ग का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।