शॉन पेन वास्तव में एकमात्र ऐसा मूर्ख है जो कुछ भी कागज पर लिख सकता है।
(Sean Penn's really the only one stupid enough to put anything down on paper.)
यह उद्धरण विनोदपूर्वक सुझाव देता है कि किसी के विचारों को सार्वजनिक रूप से या लिखित रूप में प्रकट करना असुरक्षा या मूर्खता के कार्य के रूप में देखा जा सकता है। यह इस विचार पर प्रकाश डालता है कि लिखित रूप में खुलकर या खुले तौर पर बोलना जोखिम भरा या अनावश्यक माना जा सकता है, फिर भी यह संचार और आत्म-अभिव्यक्ति का एक अनिवार्य हिस्सा है। हालांकि इसे एक मजाक के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन यह किसी के विचारों या भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने के लिए आवश्यक साहस को भी रेखांकित करता है, खासकर आलोचना या गलतफहमी की संभावना पर विचार करते हुए।