मुझे लगता है कि दुनिया का हर इंसान प्रोत्साहित किये जाने और स्वीकार किये जाने की सराहना करता है।
(I think every human being in the world appreciates being encouraged and acknowledged.)
---असगर फरहादी--- मान्यता की सार्वभौमिक आवश्यकता पर जोर देते हुए, यह उद्धरण मूल्यवान महसूस करने की मौलिक मानवीय इच्छा पर प्रकाश डालता है। प्रोत्साहन और स्वीकृति व्यक्तियों के बीच आत्म-सम्मान, प्रेरणा और मजबूत संबंधों को बढ़ावा देती है। दूसरों के प्रयासों को पहचानने से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि समुदायों के भीतर सहानुभूति और समझ भी पैदा होती है। ऐसी दुनिया में जहां सराहनीय इशारे भलाई पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं, इस रवैये को अपनाने से सभी के लिए अधिक दयालु बातचीत और अधिक सकारात्मक वातावरण बन सकता है।