मैं उस बिंदु पर पहुंच गया हूं जहां मुझे कोई फिल्म शुरू करते समय कम घबराहट होती है। मैं उस दिन अब भी बहुत घबराया हुआ हूं, लेकिन लोगों की मेरी फिल्म के बारे में किस तरह की धारणा है, इस बारे में मेरा डर खत्म हो गया है।

मैं उस बिंदु पर पहुंच गया हूं जहां मुझे कोई फिल्म शुरू करते समय कम घबराहट होती है। मैं उस दिन अब भी बहुत घबराया हुआ हूं, लेकिन लोगों की मेरी फिल्म के बारे में किस तरह की धारणा है, इस बारे में मेरा डर खत्म हो गया है।


(I've come to a point where I am less nervous when I am supposed to start a film. I am still super nervous on the day but I've lost a lot of my fear about what kind of perception people have about my film.)

📖 Vikramaditya Motwane


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यह उद्धरण एक कलाकार की मानसिकता में एक महत्वपूर्ण बदलाव को उजागर करता है, आत्मविश्वास में वृद्धि और बाहरी निर्णय के संबंध में चिंता को कम करने पर जोर देता है। यह अपेक्षाओं से अभिभूत होने से लेकर किसी के काम में लचीलापन और आत्म-आश्वासन विकसित करने तक की यात्रा को दर्शाता है। ऐसा परिवर्तन प्रेरणादायक है, रचनात्मक लोगों को याद दिलाता है कि परिचितता और अनुभव डर को कम कर सकते हैं और आलोचना और धारणा के साथ एक स्वस्थ संबंध को बढ़ावा दे सकते हैं। इस मानसिकता को अपनाने से अंततः अधिक प्रामाणिक और साहसी कलात्मक प्रयास हो सकते हैं।

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जनवरी 02, 2026

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