हमने अंग्रेजों के खिलाफ उनकी त्वचा के रंग के कारण नहीं बल्कि उनकी सरकार के शोषणकारी चरित्र के कारण लड़ाई लड़ी।
(We fought against the British not because of the color of their skin but also because of the exploitative character of their government.)
यह उद्धरण इस बात पर जोर देता है कि औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष न केवल नस्लीय मतभेदों से प्रेरित था, बल्कि ब्रिटिश सरकार द्वारा किए गए अन्याय और शोषण के विरोध से भी प्रेरित था। यह प्रणालीगत उत्पीड़न को संबोधित करने और यह स्वीकार करने के महत्व पर प्रकाश डालता है कि स्वतंत्रता की लड़ाई निष्पक्षता, गरिमा और आत्मनिर्णय की इच्छा में निहित थी। इस व्यापक परिप्रेक्ष्य को समझने से हमें ऐतिहासिक प्रतिरोध आंदोलनों के पीछे की जटिल प्रेरणाओं की सराहना करने और समकालीन समाज में अन्यायपूर्ण प्रणालियों के खिलाफ लड़ने के चल रहे महत्व को रेखांकित करने की अनुमति मिलती है।